CHANDIL : चौका थाना पुलिस की सक्रिय पहल से बचे ग्रामीण, गाँवों में हो गया था शांति भंग की स्थिति…

SERAIKELLA : सरायकेला-खरसवाँ जिले की चौका थानांतर्गत सुदूरवर्ती तुलग्राम और बालीडीह दो गाँवों के बीच लम्बी समयों से चला आ रहा आपसी तन बन के कारण शांति भंग की स्थिति उत्पन्न हो गयी । दोनों गाँवों के बीच आपसी तनाव यहाँ तक आ पहुंचा की ग्रामीणों ने स्वयं निर्णय लिया और ग्राम सीमा की मुख्य सड़क पर सोमबार को बैरिकेट लगाकर गाँव में एक दूसरे की आवागमन पर पूर्णतः रोक लगा दिया गया ।
बैरिकेट लगाकर ग्रामीणों ने किया पथ अवरुद्ध…
यह बैरिकेट लगाए जाने के बाद ऐसा विकट स्थिति आ गया कि किसी आवश्यक कार्य में हो या आपातकालीन स्थिति में एक दूसरे गाँव की ग्रामीण एक दूसरे की गाँव की सड़क से होकर गुजर नहीं सकते। इस दौरान ग्रामीणों के बीच मे हाथापाई और धक्का मुक्की भी होने की सूचना मिली। मामला धीरे धीरे विकराल रूप लेने लगा ।

जहाँ बताया गया कि अपने अपने ग्राम परिसीमा के भीतर ग्रामीण सड़क पर उतर गया था। भीड़ इतनी उग्र रूप ले लिया कि स्कूली बच्चों को भी स्कूल जाने से रोका गया, स्कूली वाहनों को गाँव मे प्रवेश करने भी नहीं दिया गया।
चौका थाना पुलिस मौके पर पहुंचे विवादित गाँव…
यह सूचना मिलते ही चौका थाना प्रभारी बजरंग महतो ने विवादित गाँव मे तत्काल पुलिस बल भेजा। मौके पर पुलिस बल घटनास्थल में पहुंचते ही उग्र भीड़ शांत हुआ तथा सड़क से बैरिकेट हटाकर ग्रामीणों की पूर्ववत आवागमन चालू कराया। और पुलिस मामले की जाँच में जुट गई। इधर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों में एक दूसरे की गाँव के जंगल से केंदू पत्ता और पियाल फल तोड़ने नहीं देने की कारण यह आपसी विवाद उत्पन्न हुआ।
पियाल की मांग इतनी क्यों बढ़ी..
बताया जा रहा है कि केंदू पत्ता और पियाल फल दूर देश निर्यात होने की कारण इसकी मांग बहुत अधिक रहता है। जिसे बेचकर ग्रामीण अच्छा खासा कमाई कर लेता है, जिसकी व्यापारी ग्रामीण हाट बाजार में या तो बुलाने पर घर से भी ऊंची कीमत पर पियाल खरीद कर ले जाता है। विवाद की इतिहास को अगर खंगाला जाय तो एक दूसरे की गाँव होकर शव ले जाने भी नहीं दे रहा था ग्रामीण। फिलहाल गाँव मे पुलिस की उपस्थिति के बाद विवादित दोनों गाँव में शांति व्यवस्था नियंत्रण में है।
