सरायकेला-खरसावां में जिला शिक्षा अधीक्षक ने जारी की एडवाइजरी, नामांकन से पहले स्कूल की मान्यता जांचें

नामांकन से पहले स्कूल की मान्यता की जांच अनिवार्य: प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
सरायकेला-खरसावां जिले के शिक्षा विभाग ने अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों का दाखिला कराने से पहले माता-पिता को संबंधित स्कूल की आधिकारिक मान्यता और संबद्धता (Recognition) की अच्छी तरह जांच करने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने यह कदम फर्जी या गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा अभिभावकों को गुमराह करने की शिकायतों को देखते हुए उठाया है।
बिना मान्यता वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में कई ऐसे स्कूल संचालित हो रहे हैं जिनके पास आवश्यक सरकारी अनुमति या एनओसी (NOC) नहीं है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने निर्देश दिया है कि जो स्कूल बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं, वे तत्काल अपनी स्थिति स्पष्ट करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को न केवल बंद किया जाएगा, बल्कि उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश: ऐसे करें पहचान
प्रशासन ने अभिभावकों को सुझाव दिया है कि वे केवल उन्हीं स्कूलों में दाखिला लें जो आरटीई (RTE) मानकों का पालन करते हैं। दाखिले के समय स्कूल से उसकी मान्यता संख्या (Recognition Number) और विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र की मांग जरूर करें। यदि कोई स्कूल जानकारी देने में आनाकानी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला शिक्षा कार्यालय को दें। प्रशासन ने जोर दिया है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए यह सावधानी आवश्यक है।
शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पारदर्शी व्यवस्था
लेख में उल्लेख है कि सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग अब नियमित रूप से निजी स्कूलों का निरीक्षण करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं और सुरक्षा मिल रही है या नहीं। बिना निबंधन वाले स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रमाण पत्रों की वैधता पर भविष्य में संकट आ सकता है, इसलिए सतर्कता ही बचाव है।
