इंडिया और एनडीए गठबंधन को सिर्फ जनताओं से अपनी कमीयाँ एवं कमजोरी छिपाने की वैकल्पिक व्यवस्था बनाया : आशुदेव महतो


बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
Chandil : आसन्न विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रस्तुति को लेकर जहाँ प्रार्थियों की चैन उड़ा हुआ है, कोई किसी चौक चौराहे पर तो कोई किसी सुदूरवर्ती क्षेत्र में जन संपर्क अभियान चलाने में पसीना छूटा रहे है। प्रार्थियों में ऐसी व्यस्तता के भीतर ईचागढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ रहे एसयूसीआई की प्रत्याशी आशुदेव महतो ने क्षेत्र की आम जनताओं के मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई ज्वलंत मुद्दे पर इंडिया और एनडीए गठबंधन पर निशाना साधते हुए उनपर प्रश्न चिह्न लगागर प्रार्थियों के बीच एक विकट परिस्थिति ला दिया। बता दें कि बुधबार को सहायक निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय चाण्डिल में चुनाव चिह्न प्राप्ति हेतु अपने समर्थकों संग जाने के दौरान चौका मोड़ पर पत्रकारों को बताया की राज्य में चुनाव का लाभ लेने की मंशा पर कई राजनीति दल मिलकर एक एक समूह बनाकर फिर आम जनताओं को ठगकर दिग्भ्रमित करने के लिए तूल पड़ा हुआ है। अपनी कमियां और कमजोरी को आम जनताओं की नजर से बचने के लिए उन्होंने मिलकर गठबंधन की विकल्प को चुना है। उन्होंने यह भी बताया कि रघुवर सरकार में जहाँ भाजपा ने पंद्रह हजार स्कूलों को बंद कराकर विद्यार्थियों की भविष्य अंधकार में ढकेलकर अधिक से अधिक शराब की दुकानों को खोलने में लगा था, हेमंत सरकार में झामुमो पाँच लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी जो नौकरी देने के वजाय नौकरी बेच रहा है और युवाओं से नौकरी छीनने का काम किया। उन्होंने बताया कि इतने सालों से क्षेत्र में लोग अर्ध किसान के रूप में अपना मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं, जिनके पास योग्यता होते हुए भी सरकार के पास उन्हें रोजगार देने की कोई ठोस उपाय नहीं है, ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्रवासियों की जमीन जायदाद को डुबाकर चाण्डिल डैम बनाया गया है लेकिन इस डैम की पानी टाटा कंपनी को देने की काम कर रहा है जबकि क्षेत्र की किसानों को इसकी सिंचाई व्यवस्था से आजतक वंचित रखा गया है। इधर उन्होंने उच्च स्वर में कहा कि बहुत हुआ भोले भाले राज्यवासियों को दिग्भ्रमित कर स्वार्थभरी राजनीति लाभ बटोरने अब नहीं दिया जाएगा और न ही ईचागढ़ विधानसभा के लोगों को ठगने देंगे । वहीं उन्होंने बताया कि एसयूसीआई पार्टी कभी भी ईचागढ़ विधानसभा के साथ उन वादा खिलाफी नेताओं की मंसूबा पर अमल होने नहीं देंगे।
