Categories

Recent Posts

November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

सरायकेला : लोकतंत्र की हत्या विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

सरायकेला: आपातकाल और लोकतंत्र की हत्या विषय पर संगोष्ठी का आयोजन सरायकेला स्थित भाजपा ज़िला कार्यालय में जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव की अध्यक्षता में किया गया । सर्वप्रथम स्वर्गीय डॉ श्यामा प्रशाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र को माल्यार्पण किया गया । ज़िलाध्यक्ष श्री उदय सिंहदेव ने विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुये कहा की कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाती है लेकिन उसने बार बार संविधान से खिलवाड़ किया है । बाबा साहब के संविधान की हत्या कई बार ख़ुद कांग्रेस पार्टी ने किया है ।इसी कारण आज के दिन को हम काला दिन के रूप में याद करते है ।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भाजपा नेता श्री जेबी तुबिद ने अपने संबोधन में कहा 1975 में मैं पटना में पढ़ाई कर रहा था,उस वक़्त छात्र आंदोलन ज़ोर पकड़ चुका था,जयप्रकाश नारायण जी के आह्वान पर पूरे देश में आंदोलन चल रहा था, इससे घबराकर इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी ।

संविधान के चारों स्तंभों को इंदिरा गांधी ने पंगु बना दिया आपातकाल की समयसीमा छह महीने की होती है उसे दुरुपयोग करते हुए उन्होंने कई बार बढ़ाया। आपातकाल के दौरान लोगो पर जुल्म ढाए गए जबरन नसबंदी तक करवाया गया, विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को जेल में डाला दिया गया ।

श्री तुबिद ने कहा आज कांग्रेस की स्तिथि चोर मचावे शोर वाली है । कांग्रेस की देन है की आज भी नौकरशाही हावी है लोकशाही कमजोर है हम भाजपा के कार्यकर्ताओं को लोकशाही को मज़बूत करना है । इनके बाद अपने संबोधन में भाजपा नेता शैलेंद्र सिंह ने कहा आपातकाल कोई एक दिन में नहीं लगा उसकी प्रीस्टभूमि पहले से बनने लगी थी, राजनरायण जी ने इंदिरा गांधी को वोट और कोर्ट दोनों में हराया तो इंदिरा गांधी ने संविधान की हत्या कर आपातकाल लगा दिया ।

गोष्ठी समापन कार्यक्रम के बाद जनता के बीच इस दिन को याद कराने के उद्देश्य से भाजपा कार्यकर्ताओं ने काला बिल्ला लगा कर पैदल मार्च किया । संगोष्ठी कार्यक्रम को भाजपा नेता रमेश हाँसदा, शकुंतला महाली,मीनाक्षी पटनायक, राकेश मिश्रा, ठाकुरदास महतो ने भी संबोधित किया । मंच का संचालन ज़िला महामंत्री मधु गोराई ने किया, कार्यक्रम में मुख्यरूप से राकेश सिंह,राजा सिंहदेव, मनोज चौधरी,मनोज तिवारी, कुबेर सारंगी,संजय सरदार,कृष्णा प्रधान,राजकुमार सिंह,बद्री दरोग़ा, मंजु बोदरा, सूर्या देवी, रीता दुबे,रूपा पति,ललन शुक्ला,दिवाकर सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

About Author