सरायकेला के प्राचीन कुदरसाई शिवालय में विशाल भंडारे के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भक्त आयोजकों में उत्साह

सरायकेला-खरसावां, 24 अगस्त 2026,
सोमवार (भाग्य सागर)
पवित्र सावन माह की अंतिम सोमवारी के अवसर पर सरायकेला के प्राचीन कुदरसाई शिव मंदिर में आयोजित होने वाले विशाल भंडारे ने इस वर्ष अपने गौरवशाली 50 वर्ष पूर्ण किए। इस ऐतिहासिक अवसर पर काफी संख्या में भक्त श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन कर महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से भक्तिमय रहा।
मंदिर में भंडारे का शुभारम्भ लगभग 50 वर्ष पूर्व स्वर्गीय रामजी लाल अग्रवाल एवं उस समय सरायकेला के धर्मपरायण एवं सेवाभावी लोगों द्वारा की गई थी। उनके द्वारा श्रद्धा, सेवा और जनकल्याण की भावना से शुरू की गई यह पुण्य परंपरा आज भी निरंतर जारी है। पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और श्रद्धालुओं की सेवा का भाव आज भी उसी उत्साह से कायम है।
इस वर्ष भी बाबा बुद्धेश्वर भक्त मंडल द्वारा पूरे श्रद्धाभाव से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। मंडल के सदस्यों एवं शिव भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए प्रेम और सेवा भाव से महाप्रसाद परोसा।
मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर सरायकेला एवं समस्त क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कुदरसाईं शिव मंदिर और यहां की सेवा परंपरा से मेरा बहुत पुराना और भावनात्मक जुड़ाव है। वर्ष 1996 से लगातार लगभग 31 वर्षों से मुझे भगवान भोलेनाथ और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मेरे लिए यह किसी पद या पहचान से कहीं बढ़कर आस्था और सौभाग्य का विषय है। स्वर्गीय रामजी लाल अग्रवाल जी एवं उस समय के धर्मपरायण लोगों ने जिस सेवाभाव से इस भंडारे की शुरुआत की, उनके प्रति हम सदैव कृतज्ञ रहेंगे। आज इस पुण्य परंपरा के 50 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और सरायकेला में सुख, शांति, समृद्धि एवं भाईचारा कायम रहे। हर-हर महादेव!”
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, कैलाश चैतानी, मनोज चौधरी (मेडिकल), संजय अग्रवाल, बरुण साहू, हेमकांत मंडल, प्रहलाद साहू, पुजारी घटो दाश, रिशु दाश सहित बाबा बुद्धेश्वर भक्त मंडल के सदस्य, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु काफी संख्या मे उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन में मंडल के सदस्यों, स्थानीय नागरिकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय योगदान दिया। पांच दशकों से चली आ रही यह धार्मिक एवं सामाजिक परंपरा आज सरायकेला में आस्था के साथ सेवा, समर्पण, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल बन चुकी है।


