खरसावां में गंगा दशहरा पर सोना नदी घाट में हुआ नदी पूजन, स्वच्छता का लिया संकल्प

Seraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोना नदी के तट पर विशेष नदी पूजन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नदी की आराधना की। इसके साथ ही सभी ने जल स्रोतों को स्वच्छ, सुंदर और पवित्र बनाए रखने की प्रतिज्ञा भी ली।
नदियों को स्वच्छ रखने का लिया गया संकल्प
सोना नदी के हाई स्कूल घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में नदी को मां स्वरूप मानकर उनकी पूजा की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों को जल प्रदूषण न फैलाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नदियां हमारे देश और समाज की जीवन रेखा हैं। प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए जलधाराओं को बचाना और उन्हें प्रदूषण मुक्त रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सामाजिक सहभागिता से नदी संरक्षण पर दिया गया जोर
आयोजन समिति की ओर से यह बात सामने रखी गई कि नदियां मानव सभ्यता के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन आज अनजाने में लोग इन्हें दूषित कर रहे हैं। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगा। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी (सामाजिक सहभागिता) से ही नदियों के मूल स्वरूप और उनकी स्वच्छता को सुरक्षित रखा जा सकता है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एकल अभियान गतिविधि विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष पूजन कार्यक्रम में पुरुषों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान वैदिक रीति-रिवाज से सोना नदी में दुग्धाभिषेक किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से एकल अभियान के अंचल अभियान प्रमुख कालीचरण महतो, अंचल जागरण शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रभात सिंह स्वांसी, संच समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत महतो, संच प्रमुख श्रीमती शिल्पा दास, सक्रिय सदस्य कन्हैया कर्मकार सहित क्षेत्र की कई आचार्य दीदियां और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


