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November 1, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

झारखंड मौसम अपडेट: राज्य में अगले कुछ दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

Jharkhand Weather Forecast: उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद अब झारखंड में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। लगातार चल रही गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को इस मौसमी बदलाव से काफी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग ने आंधी-तूफान को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है।

तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नए चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण झारखंड के वायुमंडल में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। इसके प्रभाव से आगामी 7 से 11 जून के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने इस दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका भी जताई है, जिससे बचने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख जिलों में कैसा रहेगा तापमान?

झारखंड के विभिन्न जिलों में इस मौसमी उतार-चढ़ाव का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा। रांची और उसके आसपास के मध्य इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक निजात मिलेगी। वहीं दूसरी ओर, पलामू प्रमंडल के कुछ इलाकों में अभी भी शुष्क मौसम और हल्की तपिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जबकि हजारीबाग, देवघर, धनबाद और जमशेदपुर जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।

खराब मौसम में सतर्कता बरतने की अपील

मौसम केंद्र रांची ने आम नागरिकों और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि जब भी आसमान में बिजली चमके या तेज आंधी आए, तो लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों (जैसे पक्के मकानों) में शरण लें। खराब मौसम के दौरान भूलकर भी बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के नीचे खड़े न हों, क्योंकि ऐसी जगहों पर वज्रपात का खतरा सबसे अधिक होता है। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

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