Ranchi Infrastructure Update: रांची वासियों को बड़ी राहत, कांके रोड से चिरौंदी तक नई सड़क बनाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Ranchi Infrastructure News: झारखंड की राजधानी रांची में यातायात को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। कांके रोड से चिरौंदी को आपस में जोड़ने वाली एक नई सड़क निर्माण परियोजना को योजना प्राधिकार समिति की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। समिति से इस अहम प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के बाद, अब इस प्रस्ताव को अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट
रांची के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कांके रोड से चिरौंदी कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को आधिकारिक रूप से पास कर दिया गया है। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अगुवाई में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान इस सड़क निर्माण योजना पर मुहर लगाई गई। यह एक पूरी तरह से नया मार्ग (सड़क) होगा। इस फैसले के बाद अब कांके रोड स्थित झिरगाटोली से लेकर चिरौंदी तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। कैबिनेट की अगली बैठकों में इसकी वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा।
2.97 किलोमीटर लंबी होगी नई सड़क
प्रस्तावित नई सड़क की कुल लंबाई तकरीबन 2.97 किलोमीटर होगी। यह रूट वास्तव में रांची के ‘इनर रिंग रोड’ प्रोजेक्ट का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मिसिंग लिंक (अधूरे हिस्से) के तैयार हो जाने के बाद पंडरा से लेकर बड़गाईं (बरियातू) तक का पूरा इलाका इनर रिंग रोड के जरिए सीधे आपस में जुड़ जाएगा।
मौजूदा समय में, पंडरा से कांके रोड तक इनर रिंग रोड के पहले चरण (सेक्शन) का काम तेजी से चल रहा है। वहीं, इसके तीसरे चरण के तहत चिरौंदी से लेम होते हुए बड़गाईं तक का निर्माण कार्य किया जा रहा है। हालांकि, बीच का दूसरा चरण (कांके रोड से चिरौंदी) अभी तक स्वीकृत नहीं हो पाया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इस बाईपास मार्ग के बनने से चिरौंदी और आसपास के स्थानीय लोग बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे कांके रोड आ-जा सकेंगे। अभी के समय में लोगों को बोड़ेया से होकर ब्लॉक चौक या फिर मोरहाबादी मैदान की तरफ से लंबा चक्कर काटकर कांके रोड पहुंचना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की काफी बर्बादी होती है।
अन्य सड़क परियोजना को भी मंजूरी
इस अहम बैठक के दौरान योजना प्राधिकार समिति ने सिर्फ रांची ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्से के लिए भी सड़क प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। समिति ने बरलंगा से शुरू होकर गोला-मुरी को जोड़ने वाले 4.83 किलोमीटर लंबे सड़क विकास प्रोजेक्ट को भी अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे इस ग्रामीण और अर्ध-शहरी बेल्ट में भी आवागमन काफी बेहतर हो जाएगा।
