Seraikella : नाबार्ड अध्यक्ष शाजी के. वी. का सरायकेला–खरसावाँ दौरा: गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का निरीक्षण, सहकारिता व डिजिटलीकरण को बताया ग्रामीण विकास की कुंजी…

सरायकेला–खरसावाँ, 28 मार्च 2026 :
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अध्यक्ष शाजी के. वी. ने शनिवार को जिले के चांडिल प्रखंड स्थित गोरडीह लैम्प्स/एफपीओ का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लैम्प्स सदस्यों, एफपीओ प्रतिनिधियों तथा किसानों के साथ संवाद स्थापित कर संस्थाओं की कार्यप्रणाली और संचालन व्यवस्था की समीक्षा की।
निरीक्षण के क्रम में अध्यक्ष ने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजिटल प्रक्रियाओं तथा विपणन से जुड़ी पहलों का अवलोकन किया। उन्होंने संस्थाओं में डिजिटलीकरण और क्षमता संवर्धन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसकी सराहना की।
अपने संबोधन में श्री शाजी के. वी. ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचें। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण, ई-पीएसीएस (e-PACS) और एफपीओ के माध्यम से कृषि विपणन तंत्र को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय आर्थिक केंद्र विकसित करने पर बल दिया। साथ ही किसानों को सुलभ ऋण, बेहतर विपणन सुविधा और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर पीएसीएस सदस्यता प्रमाण-पत्र, ई-केसीसी प्रमाण-पत्र तथा चयनित एफपीओ को ईजीए स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती चामी मुर्मू ने सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जा सकती है।
नाबार्ड, झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती दीपमाला घोष ने कहा कि सहकारिता, वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहल के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने एफपीओ और पैक्स के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, बाजार तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का आयोजन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) सरायकेला–खरसावाँ के समन्वय में किया गया। इस दौरान नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय रांची के वरिष्ठ पदाधिकारी, सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
नाबार्ड द्वारा सहकारिता, वित्तीय समावेशन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
