ईचागढ़ विधानसभा में आखिर क्यों छाया है चुनावी माहौल में मायूसी, जाने वजह……


बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
Chandil : राज्य में विधानसभा चुनाव की उद्घोषणा होते ही इधर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जहाँ प्रार्थियों ने लगातार कई दिनों तक अपने अपने समर्थकों संग जनसंपर्क अभियान चलाने लगे, लोगों में दल या प्रार्थी विशेष को लेकर तरह तरह चर्चा होने लगी।
वहीं क्रमशः दशहरा, दीपावली, बांदना जैसे कई पर्व त्योंहार में लोग मग्न रहे और क्षेत्र में चुनाव को लेकर लगभग हरेक क्षेत्र में अब तक किसी दल या प्रार्थियों द्वारा चुनावी माहौल नहीं बना पाया। क्षेत्र की राजनीति अनुभवीयों का मानें तो इसबार ईचागढ़ विधानसभा से स्थानीय प्रत्याशी की मांग को लेकर लोगों में पहले से ही चर्चा था और दल गठबंधन होकर चुनाव लड़ना तो कहीं किसी प्रार्थियों का दल विशेष में सम्मान या स्थान न मिलने की कारण अन्यान्य दल में चले जाने की वजह से उनके चहेताओं में आहत पहुंचना तो कोई प्रार्थी द्वारा किसी दल से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ना, पूर्व की चुनाव में जारी घोषणा पत्रों पर एक भी बातें न करने की कारण ही है कि क्षेत्र में प्रार्थियों द्वारा चुनावी माहौल बनाने में नाकाम रहे ।
प्रार्थियों द्वारा निरंतर चुनाव प्रचार किया जा रहा है पर इस शोरगुल के बीच मे भी चुनावी माहौल मायूसी छाया हुआ है। इधर सूत्रों का माने तो प्रतिष्ठित दल की प्रत्याशी को लेकर दल की कई कार्यकर्ता जहाँ दावेदार करने लगे वहीं कोई दल गठबंधन से चुनाव लड़ रहा है तो कोई दल द्वारा प्रत्याशी की घोषणा करते ही अधिकतर लोग दल की निर्णय से असंतुष्ट होकर दल से बागी हुए और किसी अन्य दल में चले जाना ऐसे ही प्रार्थियों और समर्थकों के बीच जहाँ खींचा ताना चलने लगा और चुनावी सभा मे दल के स्टार प्रचारक के रूप में कई कद्दावर नेता ने सभा और रोड शो किया फिर भी एक खास माहौल तैयार नहीं कर सके।
इस बीच में ईचागढ़ विधानसभा से स्वतंत्र चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशीयों ने ग्रामांचल इलाके में अपने अपने समर्थकों संग जा जाकर चुनाव प्रचार तथा जनसंपर्क तेज कर दिया। लेकिन कहा नहीं जा सकता की लोग क्षेत्र के आखिर किस प्रार्थी की लोकप्रियता से प्रभावित होकर अपनी निर्णायक मतदान करेंगे।
सूत्रों की मानें तो प्रार्थियों के लिए इसबार चुनाव की स्थिति बहुत ही सोचनीय है लेकिन निर्भर करता है कि प्रत्याशियों द्वारा जारी घोषणा पत्र और उनके नेतृत्व प्रभाव से आशातीत परिणाम उनके हाथ में आ सकता है। बताते चलें कि क्षेत्र की कई ग्रामांचल और सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों से बातचीत के क्रम में पता चला कि वेलोग किसी से प्रभावित नहीं हुए है और कहा कि मतदान के दिन सोच समझकर सभी मतदान अवश्य करेंगे।
