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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

झारखंड में अब नहीं भटकेंगे मरीज! महज 1 कॉल पर 4 घंटे में मिलेगा ब्लड, जानें स्वास्थ्य विभाग का नया ‘प्लान’

मुख्य बिंदु:

  • सिर्फ एक फोन कॉल के जरिए 4 घंटे में मरीज तक पहुंचेगा ब्लड।
  • अगले 90 दिनों (3 महीने) के भीतर पूरे राज्य में लागू होगी व्यवस्था।
  • स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर।

रांची में बनेगा सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर, जारी होगा टोल-फ्री नंबर

राज्य के आपातकालीन मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के मकसद से झारखंड सरकार एक आधुनिक व्यवस्था लागू करने जा रही है। अब जरूरतमंदों को ब्लड बैंक या अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत सिर्फ एक कॉल करने पर 4 घंटे के अंदर संबंधित अस्पताल में रक्त पहुंचा दिया जाएगा। अगले तीन महीनों (90 दिन) में इस पहल को धरातल पर उतारने की योजना है। इस सिलसिले में स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस कंपनी के बीच एमओयू (MoU) पर दस्तखत किए गए हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह और एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए राजधानी रांची में एक हाई-टेक ‘सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर’ बनाया जा रहा है। साथ ही जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किया जाएगा। ब्लड के कलेक्शन, जरूरी मानक जांच, सुरक्षित रखरखाव और डिलीवरी की पूरी जिम्मेदारी आउटसोर्स एजेंसी एमएस साइंस की होगी। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही सुरक्षित रक्त मरीजों तक पहुंचाया जाएगा।

प्रति यूनिट के आधार पर भुगतान, NCC और पुलिस की ली जाएगी मदद

एनएचएम (NHM) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने जानकारी दी कि प्राइवेट पार्टनर (एमएस साइंस) ही रक्तदान शिविरों के आयोजन और मैनपावर का प्रबंधन देखेगी। सरकार द्वारा एजेंसी को प्रति यूनिट रक्त के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

दूसरी ओर, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण व सुदूर इलाकों में रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसमें एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS), पुलिस महकमे और सामाजिक संगठनों की भी मदद ली जाएगी। कैंप में आने वाले रक्तदाताओं के लिए जलपान और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी कार्यदायी एजेंसी की ओर से की जाएगी।

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